कलियुग में केवल नाम अधार है। जो भक्त श्रद्धा से भगवान शिव के इन 108 पावन नामों का सुमिरन करता है, उसके सारे कष्ट स्वयं शिव जी हर लेते हैं।
स्नान करके स्वच्छ आसन पर बैठें। शिवलिंग या शिव-चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित करें। श्रद्धा भाव से 108 नामों का जाप करें — हर नाम के साथ "नमः" का उच्चारण।
अंत में 11 बार ॐ नमः शिवाय का जाप करके भगवान शिव का ध्यान करें। बेलपत्र, जल, अथवा दूध शिवलिंग पर अर्पण करते समय भी यह पाठ किया जा सकता है।